कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार, दो अप्रैल को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी करने का ऐलान किया है.
सात चरणों में होने वाले आगामी लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए वोटिंग में अब सिर्फ 9 दिन बचे हैं.ऐसे में कांग्रेस पार्टी पहले चरण के मतदान से पहले ही अपने वादों के साथ जनता के बीच उतरने की कोशिश कर रह है.
बिहार पहुंचेंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम चुनाव का एलान होने के बाद पहली बार बिहार का दौरा करने वाले हैं. वे मंगलवार को जमुई और गया में चुनावी जनसभाओं को संबोधित करेंगे.
जमुई बीजेपी की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान की सीट है.
प्रधानमंत्री मोदी पिछले महीने भी बिहार गए थे जब तीन मार्च को उन्होंने पटना में एनडीए की एक रैली को संबोधित किया था.
आज ही से प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपना चुनावी अभियान शुरु कर रहे हैं.
नमोटीवी के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने चुनान आयोग का दरवाज़ा खटखटाया है और कहा है कि चुनाव के वक्त भाजपा इसके ज़रिए प्रोपोगैंडा फैलाने की कोशिश कर रही है.
चुनाव आयोग को लिखे एक पत्र में कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री के पर्सनल टीवी चैनल 'कॉटेंट टीवी' को हाल में कुछ डीटीएच प्लेफॉर्म्स पर लांच किया गया है, जिसमें बीजेपी से जुड़े विज्ञापन और बीजेपी की चुनावी रेलियां दिखाई जा रही हैं. इसके ख़िलाफ़ तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए.
साथ ही चुनाव आयोग को लिखे एक और पत्र में कांग्रेस ने कहा है कि "सरकारी टीवी चैनल दूरदर्शन का भी ग़लत इस्तेमाल चुनाव प्रधानमंत्री की उपलब्धियां गिनवाने के लिए किया जा रहा है. ये ऑल इंडिया रेडिया और दूरदर्शन के लिए जारी चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है."
दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गंठबंधन को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि हम राहुल गांधी के बात कर चुके हैं अब किसी और से बात करने की कोई ज़रूरत नहीं है.
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने गठबंधन की अटकलों पर लगम लगाते हुए कहा है कि लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सातों सीटों पर कांग्रेस को जीतना है.
ब्रितानी सांसद एक बार फिर ब्रेक्ज़िट के मुद्दे पर किसी वैकल्पिक रणनीति तक पहुंचने में नाकाम रहे हैं.
सांसदों ने सोमवार को यूरोपीय संघ से अलग होने के चार प्रस्तावित विकल्पों पर मतदान किया जिनमें से कोई भी पारित नहीं हो सका. इनमें कस्टम्स यूनियन के लिए यूरोपीय संघ से वार्ता करना करने का प्रस्ताव सिर्फ़ तीन मतों से गिर गया.
ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे आज आगे की रणनीति बनाने के लिए लंबी कैबिनेट बैठक करने जा रही हैं. वो ब्रेक्ज़िट को लेकर अपने समझौते को चौथी बार संसद में पेश कर सकती हैं.
इसके अलावा वो ब्रेक्ज़िट के लिए यूरोपीय संघ से अतिरिक्त समय की मांग भी कर सकती हैं. फिलहाल 12 अप्रैल तक का समय उनके पास है.
''अगर 38 साल के पीएचडी धारक शख़्स को नौकरी नहीं मिल रही है तो इस पर सवाल होना चाहिए कि देश और राज्य का भविष्य क्या होगा?''
बेरोज़गारी
के प्रभाव को लेकर सवाल पूछने पर महाराष्ट्र के नांदेड़ के रहने वाले
चंद्रकांत गजभरे ने तपाक से ये जवाब दिया. चंद्रकांत पीएचडी कर रहे हैं और
उन्हें पैसे कमाने के लिए ऑटोरिक्शा चलाना पड़ता है. चंद्रकांत 15 सालों से नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उनके पास समाज विज्ञान में एमए की डिग्री है. उन्होंने दो बार नेट-सेट की परीक्षा दी है और अब उनकी पीएचडी भी पूरी होने वाली है.
फिर भी उनके पास एक निश्चति आय का ज़रिया नहीं है जिससे उनकी मूलभूत ज़रूरतें पूरी हो सकें.
चंद्रकांत ने नौकरी के लिए हर तरह की कोशिश की. उन्होंने होटल में वेटर तक का काम किया. दूसरे शहरों में भी नौकरी ढूंढने की कोशिश की लेकिन किराये पर रहने के कारण उनके लिए पैसे बचाना मुश्किल हो गया था. इसलिए वो वापस नांदेड़ चले आए.
सुबह के समय वो गेस्ट लेक्चर के तौर पर काम करते हैं लेकिन उससे भी पर्याप्त आय नहीं हो पाती.
उन्होंने दिन में ऑटो चलाने का कारण बताया. चंद्रकांत बताते हैं, ''मेरे जैसे लोगों के लिए शिक्षा ही जीने का एकमात्र रास्ता है. इसलिए मैंने उच्च शिक्षा हासिल की पर मुझे इससे जुड़ी नौकरी नहीं मिली. ऐसे में दूसरे शहर में जाकर किसी कंपनी या होटल में काम करने के बजाय मैंने इसी शहर में रहकर कमाने का फैसले किया.''
चंद्रकांत के लिए कोई भी काम छोटा नहीं है. वह मानते हैं कि किसी भी पेशे को नीची नज़रों से नहीं देख जाना चाहिए. हालांकि, वो अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे और नौकरी की तलाश करते रहेंगे.
चंद्रकांत अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो उच्च शिक्षा पाने के बाद भी अजीविका के लिए संघर्ष कर रहें हैं. यहां के युवाओं से बात करने पर पता चलता है कि बेरोजगारी किस स्तर पर है और किस तरह की है.
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